Hello friends, आज हम राजस्थान की प्रमुख छत्तरियों के बारें में Post लेकर आये है जो राजस्थान से सम्बन्धित परीक्षा और अन्य परीक्षाओं मे महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। हमारी कोशिश यही रहती है कि हम सरलतम रूप में आपके लिए महत्वपूर्ण Post लेकर आयें जो Exam के समय उपयोगी सिद्ध हो। Exam में इस टाॅपिक से भी प्रश्न पूछे जाते है इसलिए आप इसे ध्यान से पढे। और अपना सामान्य ज्ञान बढायें और अगर आपको ये लेख अच्छा लगे। तो अपने मित्रों के साथ शेयर करे ताकि वे भी इस लेख को पढ सके। हमारे Facebook Page को Like जरूर करे।

Rajasthan Ki Chhatariya

राजस्थान की प्रमुख छतरियां

  • मूसी महारानी की छतरी – अलवर (80 खम्भो की छतरी)
    निर्माण – 1815 ई. मे महाराजा विनयसिंह द्वारा करवाया गया इसे बख्तावर सिंह की छतरी भी कहा जाता है
  • 84 खम्भो की छतरी – बूंदी
  • राव प्रताप सिंह की छतरी – अलवर
  • नैडा की छतरियां – राजगढ (अलवर)
  • बंजारे की छतरी – लालसोट, (दौसा)
  • अमरसिंह राठौड की छतरी – नागौर
  • जगन्नाथ कछवाहा की छतरी – (मांडलगढ, भीलवाडा)
  • राणा सांगा की छतरी – मांडलगढ, भीलवाडा
  • दुर्गादास राठौड की छतरी – उज्जैन (एम.पी)
  • महाराणा उदयसिंह की छतरी – गौगुन्दा (उदयपुर)
  • संतपीपा की छतरी – गागरोन (झालावाड)
  • सवाई ईश्वरी सिंह की छतरी – सिटी पैलस जयपुर
  • गैटोर की छतरियां – जयपुर (आमेर व जयपुर महाराजाओं की छतरियां है)
  • रसिया की छतरी – चितौडगढ
  • कीरतसिंह सोढी की छतरी – महरानगढ दुर्ग (जोधपुर)
  • जसवंत सिंह द्वितीय की छतरी अथवा जसंवत थडा – जोधपुर (राजस्थान का ताजमहल)
  • गोपाल सिंह की छतरी – करौली
  • मंडोर की छतरियां – जोधपुर
  • महाराणा प्रताप की छतरी -बाण्डोली (उदयपुर)
  • बौहरा की छतरी – करौली (कैला मैया मन्दिर के सामने)
  • 32 खम्भों की छतरी – रणथम्भौर (सवाई माधोपुर)
  • क्षारबाग की छतरियां – कोटा (हाडा चैहानों की छतरी)
  • आहड की छतरियां – उदयपुर
  • नोट- यहां अमरसिंह प्रथम की पहली छतरी है, तद्उपरान्त महाराणा के वंशजो की छतरियां यही बनी।

  • देवकुण्ड की छतरियां – बीकानेर
  • महासती स्थल – चितौडगढ किला