हैलो दोस्तों आज हम मुगल साम्राज्य के बारें में महत्वपूर्ण Post लेकर आये है। जो परीक्षा के दृष्टि से अति महत्वपूर्ण है। और अक्सर परीक्षा में इसी टाॅपिक से प्रश्न किये जाते है। किसी भी सरकारी परीक्षा में सामान्य ज्ञान का एक अपना ही महत्व है इसलिए हम पूरी कोशिश करते है कि जो भी लेख हम अपने मित्रों के साथ Share कर रहे है वो पढ़ने मे सरल हो, जिसे आसानी से समझा जा सके। इस लेख में आपको मुगल काल के इतिहास के बारें में पढ़ने को मिलेगा कि किस तरह से इस साम्राज्य की स्थापना हुई और मुगल काल कौन-कौनसे बादशाह रहे जिन्होंने ने भारत मे शासन किया। आप इस लेख को पढ़िए और हमे अपने कमेंट से बताइये कि यह Post आपको को कैसा लगा। और हो सके तो अपने मित्रों के साथ शेयर करना ना भुले।

Mughal Kaal

 

मुगल साम्राज्य

बाबर-

  • मुगल साम्राज्य का संस्थापक बाबर था।
  • बाबर का जन्म 14 फरवरी 1843 फरगना (उजबेकिस्तान) में हुआ।
  • प्रारम्भिक जीवन में काबुल को प्राप्त करने के अनेक प्रयास किये। किन्तु सफलता 1504 में मिल पायी।
  • 1507 में अपने पूर्वजों द्वारा धारण की जाने वाली मिर्जा की उपाधि के स्थान पर बादशाह की उपाधि धारण की।
  • बाबर ने भारत पर प्रथम आक्रमण 1519 में बाजौर (पाकिस्तान) पर किया तथा भेरा के किले को जीता।
  • इस आक्रमण में पहली बार बाबर ने भारत में तोपखाने का उपयोग किया।
  • तोपखाना- तोपखाने का उपयोग बाबर ने कुस्तुन्तुनिया के तुर्को से सीखा।
  • तुलगुमा पद्धति- सेना को व्यवस्थित करने से सम्बन्धित पद्धति जिसका उपयोग बाबर ने उजबेकों से सीखा।

पानीपत का प्रथम युद्ध (1526 ई.)-

  • इब्राहिम लोदी तथा बाबर के मध्य।
  • इस युद्ध में बाबर ने दिल्ली के सुल्तान इब्राहिम लोदी को हराकर भारत की केन्द्रीय सत्ता पर अधिकार कर लिया।
  • इब्राहिम लोदी अफगान शासक था जो इस युद्ध में मारा गया।
  • बाबर ने भारत में पहली बार तोपखाने तथा तुलगुमा पद्धति का एक साथ उपयोग इस युद्ध में किया।
  • इस युद्ध को जीतकर बाबर ने काबुल के प्रत्येक नागरिक को चाँदी का एक-एक सिक्का भेंट किया।
  • अतः बाबर को कलंदर कहा जाता है।

खानवा का युद्ध (1527 ई.)-

  • इस युद्ध में बाबर ने मेवाड़ के शासक राणा साँगा का हराया।
  • इतिहासकारों के अनुसार साँगा की सेना बाबर की सेना की दोगुनी थी। क्योकि राजपूताना के लगभग सभी शासकों ने साँगा को सहयोग दिया था।
  • इस युद्ध को बाबर ने जेहद (धर्मयुद्ध) घोषित किया तथा विजय के बाद गाजी की उपाधि धारण की।

चन्देरी का युद्ध (1528 ई.)-

  • बाबर ने चन्देरी के राजपूत शासक मेदिनीराय को इस युद्ध में पराजित किया।
  • इस युद्ध को भी बाबर ने जेहाद घोषित किया था तथा उसने राजपूतों के सिरों की मीनार बनवायी।

घाघरा युद्ध (1529 ई.)-

  • बंगाल-बिहार के अफगानों ने महमूद लोदी के नेतृत्व में बाबर को पराजित करने का अन्तिम प्रयास किया।
  • किन्तु घाघरा के युद्ध में बाबर ने विजय प्राप्त की।

बाबर की मृत्यु (1530 ई.)-

  • बाबर को आरामबाग (आगरा) में दफनाया गया।
  • बाद में इनका मकबरा काबुल में बनवाया गया।
  • हुमायूंनामा की रचनाकार गुलबदन बेगम के अनुसार बाबर की मृत्यु इब्राहिम लोदी की माता द्वारा जहर देने से हुई।

बाबरनामा-

  • बाबर ने बाबरनामा की रचना तुर्की भाषा में की। जिसे बाद में फारसी में अनुवादित किया गया।

नोट- फारसी मुगलकाल की राजकीय भाषा थी।

  • अनुवादित करने वाले व्यक्ति- पायन्द खाँ- हुमायूं के समय, जैन खाँ- हुमायूं के समय, रहीम- अकबर के समय, तुरबाती- शाहजहाँ के समय।
  • बाबरनामा के अनुसार बाबर के भारत आक्रमण के समय पाँच मुस्लिम तथा दो हिन्दु राजवंश भारत में शासन कर रहे थे।
  • बाबर के अनुसार उस समय भारत का सर्वश्रेष्ठ शासक विजयनगर का कृष्णदेवराय था।
  • बाबर के अनुसार भारत के सैनिक मरना जानते है किन्तु लड़ना नहीं।
  • बारबरनामा इस पुस्तक के अनुसार बाबर को भारत आक्रमण के लिए दौलत खाँ लोदी तथा महाराणा साँगा ने आमंत्रित किया।
  • एलफिंस्टन के अनुसार एशिया में पाये जाने वाले ग्रन्थों में से बाबरनामा एकमात्र वास्तविक इतिहास का ग्रन्थ है।
  • लेनपूल के अनुसार बाबर एक भाग्यशाली सैनिक था किन्तु साम्राज्य निर्माता नहीं था।
  • बाबर ने आगरा में आरामबाग की स्थापना करवाई।
  • उसने भारत में फव्वारा पद्धति प्रारम्भ की।
  • बाबर ने पद्य लेखन की मुबईयान शैली को प्रारम्भ किया।

मुगल बादशाहों की सूची-

  • बाबर
  • हुमायूँ
  • अकबर (1556 ई. से 1607 ई.)
  • जहाँगीर (1605 ई. से 1627 ई.)
  • शाहजहाँ (1627 ई. से 1658 ई.)
  • औरंगजेब (1658 ई. से 1707 ई.)
  • बहादुरशाह (1707 ई. से 1712 ई.)

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